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एक तरफ़ मंत्री की समिति… दूसरी तरफ़ वसूली का नोटिस! राष्ट्रीय बाज़ार में राष्ट्रीय खेल सूरु।

APMC Admin | July 20 , 2026 | News
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एक तरफ़ मंत्री की समिति… दूसरी तरफ़ वसूली का नोटिस! राष्ट्रीय बाज़ार में राष्ट्रीय खेल सूरु।

राष्ट्रीय महत्व बाजार का दर्जा मिला… लेकिन 1% सेवा शुल्क पर मुंबई APMC में नया बवाल

एक तरफ मंत्री ने बनाई कृती समिति, दूसरी तरफ करीब 1500 व्यापारियों को 13 साल का नोटिस?

हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद सचिव की नोटिस पर उठे सवाल

मुंबई APMC के दाना और मसाला मार्केट के करीब 1500 व्यापारियों को 13 साल का नोटिस, आखिर किसके आदेश पर?

नवी मुंबई | प्रतिनिधि
राष्ट्रीय महत्व का दर्जा मिलने के बाद मुंबई कृषि उपज मंडी समिति (APMC) से व्यापारियों को पारदर्शी और व्यापारी हितैषी प्रशासन की उम्मीद थी। लेकिन 1% सेवा शुल्क (यूजर चार्ज/सर्विस चार्ज) को लेकर APMC प्रशासन की कथित दोहरी नीति से व्यापारियों में भारी नाराजगी है।

एक ओर राज्य के पनन मंत्री व राष्ट्रीय बाजार के अध्यक्ष जयकुमार रावल ने वर्षों पुराने सेवा शुल्क विवाद का स्थायी समाधान निकालने के लिए व्यापारियों और प्रशासन की संयुक्त समिति गठित की है, वहीं दूसरी ओर पनन संचालक व मुंबई APMC सचिव ने करीब 1500 व्यापारियों को पिछले 13 वर्षों का 1% सेवा शुल्क जमा करने के नोटिस जारी कर दिए हैं।

ऐसे में बाजार में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब मंत्री स्वयं बातचीत और सहमति के जरिए समाधान की पहल कर चुके हैं, तब APMC सचिव ने इतनी जल्दबाजी में वसूली की नोटिस किसके निर्देश पर शुरू की? क्या मंत्री के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है या इसके पीछे कोई और कारण है?

व्यापारियों का कहना है कि यह पूरा मामला पहले से ही मुंबई हाईकोर्ट में विचाराधीन है। वहीं राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में यूजर चार्ज को लेकर शासन निर्णय (GR) भी जारी किया था। इसके बावजूद नोटिस में   ‘सर्विस चार्ज’ व ‘यूजर चार्ज’ का उल्लेख होने से व्यापारी असमंजस में हैं कि आखिर उनसे किस कानूनी प्रावधान के तहत वसूली की जा रही है।

बाजार में यह चर्चा भी तेज है कि मुंबई APMC में जब भी कोई नया सचिव पदभार संभालता है, कुछ समय बाद 1% सेवा शुल्क की वसूली के नोटिस जारी कर दिए जाते हैं। लेकिन वर्षों से यह विवाद सुलझने के बजाय और उलझता ही गया है। ऐसे में व्यापारी सवाल उठा रहे हैं कि क्या वर्तमान सचिव   समाधान निकालने के बजाय विवाद को और बढ़ा रहा है?

समिति बनी… लेकिन अंतिम फैसला आने से पहले ही नोटिस

1% सेवा शुल्क (यूजर चार्ज) को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए पनन मंत्री व राष्ट्रीय बाजार के अध्यक्ष जयकुमार रावल ने पनन संचालक व मुंबई APMC सचिव   शरद जरे को व्यापारियों के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए थे।

इसके बाद राज्य की विभिन्न कृषि उपज मंडियों के प्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल करते हुए समिति का गठन किया गया। समिति की पहली बैठक में मुंबई APMC सचिव,उप सचिव ,मसाला मार्केट और धान्य (दाना) मार्केट के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क और सुझाव रखे, लेकिन यह केवल प्रारंभिक बैठक थी। अंतिम निर्णय के लिए मंत्री जयकुमार रावल की अध्यक्षता में होने वाली बैठक अभी बाकी है।

बैठक अधूरी… और 1500 व्यापारियों को नोटिस

समिति की अंतिम बैठक से पहले ही मुंबई APMC सचिव शरद जरे ने मसाला मार्केट और धान्य मार्केट के करीब 1500 व्यापारियों को नोटिस जारी कर दिए।

नोटिस के अनुसार, व्यापारियों से पिछले 13 वर्षों का 1% सेवा शुल्क जमा करने को कहा गया है।

* धान्य (दाना) मार्केट के व्यापारियों को 23 जुलाई तक भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
* मसाला मार्केट के व्यापारियों को 24 जुलाई तक सेवा शुल्क जमा करने के लिए कहा गया है।

इसी नोटिस के बाद विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया है।

व्यापारियों का सवाल—इतनी जल्दबाजी क्यों?

व्यापारियों का कहना है कि जब सरकार ने स्वयं विवाद के समाधान के लिए समिति बनाई है और मंत्री स्तर पर अंतिम निर्णय होना बाकी है, तो फिर सचिव ने इतनी जल्दबाजी में वसूली के नोटिस क्यों जारी किए?

उनका आरोप है कि एक ओर सरकार बातचीत और सहमति की बात कर रही है, जबकि दूसरी ओर प्रशासन वसूली का दबाव बना रहा है। इससे व्यापारियों के बीच भ्रम और असंतोष दोनों बढ़ रहे हैं।

हाईकोर्ट में मामला लंबित, फिर भी वसूली?

व्यापारिक संगठनों का दावा है कि 1% सर्विस टैक्स   का मामला मुंबई हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में न्यायालय का अंतिम निर्णय आने से पहले बकाया वसूली की प्रक्रिया शुरू करना कई कानूनी और प्रशासनिक सवाल खड़े करता है।व्यापारियों का कहना है कि पहले समिति की प्रक्रिया और न्यायालय की सुनवाई पूरी होने दी जाए, उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए।

सर्विस चार्ज या यूजर चार्ज? व्यापारी असमंजस में

मुंबई APMC प्रशासन द्वारा जारी नोटिस और कथित दोहरी नीति के विरोध में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के चेयरमैन मोहन गुरनानी, उपाध्यक्ष सुरेशभाई ठक्कर, ग्रोमा के अध्यक्ष भीमजीभाई भानुसाली तथा अशोक जैन के नेतृत्व में व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है।

बैठक में मुंबई APMC प्रशासन द्वारा 1% सेवा शुल्क को लेकर जारी नोटिस, व्यापारियों की आपत्तियों तथा आगे की आंदोलनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। व्यापारियों का आरोप है कि राष्ट्रीय महत्व का दर्जा मिलने के बावजूद APMC अध्यक्ष और सचिव व्यापारियों के साथ संवाद के बजाय दबाव की नीति अपना रहे हैं। इसी मुद्दे पर आगामी कदम तय किए जाएंगे। यह जानकारी CAIT के उपाध्यक्ष सुरेशभाई ठक्कर ने दी।

सर्विस चार्ज या यूजर चार्ज? व्यापारी अब भी असमंजस में

व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से इस शुल्क को कभी ‘सर्विस चार्ज’, कभी ‘यूजर चार्ज’ और कभी ‘1% सेवा शुल्क’ के नाम से लागू करने की कोशिश की गई है। वर्ष 2022 में राज्य सरकार ने यूजर चार्ज को लेकर शासन निर्णय (GR) जारी किया था, लेकिन उससे पहले की अवधि के लिए किस कानूनी प्रावधान के तहत वसूली की जा रही है, इसे लेकर अब भी स्पष्टता नहीं है।

इसी कारण व्यापारियों का कहना है कि वे आज भी असमंजस में हैं कि आखिर उनसे ‘सर्विस चार्ज’, ‘यूजर चार्ज’ या ‘1% सेवा शुल्क’ में से किस कानूनी प्रावधान के आधार पर राशि की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि जब तक इस संबंध में स्पष्ट और अंतिम निर्णय नहीं होता, तब तक इस प्रकार की वसूली उचित नहीं मानी जा सकती।

‘हर नया सचिव आता है… नोटिस जरूर निकलता है’

मुंबई APMC के व्यापारियों के बीच यह चर्चा भी है कि जब भी कोई नया सचिव कार्यभार संभालता है, कुछ समय बाद 1% सेवा शुल्क की वसूली के नोटिस जारी हो जाते हैं। लेकिन वर्षों से यह विवाद जस का तस बना हुआ है।

व्यापारियों का कहना है कि नोटिस निकालने की परंपरा तो जारी रहती है, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान आज तक कोई प्रशासन नहीं निकाल सका।

आंदोलन की तयारी?

नोटिस जारी होने के बाद व्यापारिक संगठनों और समिति के सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया और मंत्री स्तर की बैठक से पहले वसूली का दबाव बनाया गया, तो पूरे महाराष्ट्र की कृषि उपज मंडियों में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।व्यापारियों का कहना है कि बातचीत और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने से पहले इस प्रकार की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

APMC प्रशासन का पक्ष

APMC प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि व्यापारी बाजार समिति की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए उन्हें 1% सेवा शुल्क (यूजर चार्ज) जमा करना होगा। नोटिस में पिछले 13 वर्षों का बकाया 23/ 24 जुलाई तक भरने के निर्देश दिए गए हैं।

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