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दिवाली से पहले FDA का बड़ा एक्शन! तुर्भे के सावला कोल्ड स्टोरेज में करोड़ों रुपए के एक्सपायरी ड्रायफ्रूट्स-मसाले सील!

APMC Admin | October 29 , 2026 | Mumbai Apmc
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मुंबई APMC के 70% व्यापारियों का माल कोल्ड स्टोरेज में! सावला कोल्ड स्टोरेज पर FDA की कार्रवाई से मार्केट में मचा हड़कंप

दिवाली में घर-घर पहुंच सकता था एक्सपायरी माल? नवी मुंबई के सबसे बड़े कोल्ड स्टोरेज पर FDA की कार्रवाई से उठे गंभीर सवाल

FDA Action Savla Cold Storage:  
दिवाली के त्योहार पर घरों में मिठाइयों के साथ ड्रायफ्रूट्स और मसालों की खुशबू बिखरने वाली है। लेकिन अगर यही खाद्य पदार्थ एक्सपायरी डेट के बाद भी बाजार में बिक रहे हों, तो त्योहार की खुशियां सेहत के लिए खतरा बन सकती हैं। त्योहार से पहले नवी मुंबई के तुर्भे MIDC स्थित सावला फूड्स कोल्ड स्टोरेज पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छापेमारी में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के एक्सपायरी डेट वाले ड्रायफ्रूट्स और मसाले मिलने की जानकारी सामने आई है। कोल्ड स्टोरेज में सील किए गए ड्रायफ्रूट्स और मसालों के मामले में अब तक करीब 15 व्यापारियों का माल सामने आया है । FDA के रडार पर कई अन्य व्यापारी भी जांच का दायरा बढ़ने की संभावना। संबंधित खाद्य सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है, जबकि कंपनी का लाइसेंस रद्द किए जाने की पुष्टि संबंधित अधिकारी ने की है।

दिवाली के दौरान ड्रायफ्रूट्स और मसालों की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंच जाते, तो क्या ये आम नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं होता? मुंबई APMC के लगभग 70 प्रतिशत व्यापारियों का माल विभिन्न कोल्ड स्टोरेज में भंडारित किए जाने की चर्चा के बीच FDA की इस कार्रवाई ने पूरे खाद्य भंडारण तंत्र को जांच के घेरे में ला दिया है।

करोड़ों के माल पर कार्रवाई, एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का खुलासा?

FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे की नियुक्ति के बाद राज्यभर में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज होने की बात सामने आ रही है। इसी कड़ी में तुर्भे MIDC स्थित सावला फूड्स कोल्ड स्टोरेज पर FDA की छापेमारी की गई।

सूत्रों के अनुसार, यहां विभिन्न प्रकार के ड्रायफ्रूट्स और मसालों के ऐसे पैकेट मिले, जिनकी एक्सपायरी डेट समाप्त होने की आशंका है। जब्त खाद्य सामग्री की कीमत करोड़ों रुपये में होने की चर्चा है। हालांकि, माल की वास्तविक मात्रा, अनुमानित कीमत और एक्सपायरी अवधि का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।

खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। कंपनी का लाइसेंस रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

APMC के कारोबारियों का माल, सीधे कोल्ड स्टोरेज से डिलीवरी

मुंबई APMC के ड्रायफ्रूट्स और मसाला बाजार में दिवाली के दौरान कारोबार बड़े पैमाने पर बढ़ता है। बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत व्यापारियों का माल विभिन्न कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है। इसमें दूसरे राज्यों के व्यापारियों और आयातकों का माल भी शामिल है।

तुर्भे MIDC के पुराने और बड़े कोल्ड स्टोरेज में सावला फूड्स का नाम लिया जाता है। यहां विदेशों से आयातित ड्रायफ्रूट्स, मसाले, फल और चॉकलेट सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों का भंडारण किए जाने की जानकारी सामने आई है।

व्यापारी माल खरीदने के बाद उसे कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं। छोटे ग्राहकों को बाजार में बिक्री की जाती है, जबकि बड़े खरीदारों को सीधे कोल्ड स्टोरेज से डिलीवरी दी जाती है। ऐसे में यदि एक्सपायरी डेट समाप्त होने के बाद भी खाद्य पदार्थों का भंडारण या बिक्री होती है, तो इसका असर सीधे उपभोक्ताओं की सेहत पर पड़ सकता है।

दिवाली की खरीदारी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बाजार में बिकने वाले ड्रायफ्रूट्स और मसाले सुरक्षित हैं?

MIDC और माफको के 50 कोल्ड स्टोरेज की जांच कब?

तुर्भे MIDC और माफको परिसर में लगभग 50 कोल्ड स्टोरेज होने की जानकारी सामने आई है। यहां बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों का भंडारण किया जाता है। सावला फूड्स पर हुई कार्रवाई के बाद अब अन्य कोल्ड स्टोरेज की नियमित जांच और निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

क्या FDA सभी कोल्ड स्टोरेज में भंडारित खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट, गुणवत्ता और लाइसेंस संबंधी नियमों की जांच करता है? क्या दिवाली से पहले इन सभी प्रतिष्ठानों का विशेष निरीक्षण किया जाएगा?

नागरिकों की मांग है कि FDA केवल एक कोल्ड स्टोरेज तक कार्रवाई सीमित न रखे, बल्कि पूरे MIDC और माफको परिसर में व्यापक जांच अभियान चलाए। यदि कहीं एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण या बिक्री पाई जाती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

FDA निरीक्षक प्रशांत पवार की भूमिका पर सवाल

इस मामले में FDA निरीक्षक प्रशांत पवार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और सूत्रों का दावा है कि पवार पहले मुंबई APMC के सब्जी, मसाला और दाना बाजार में कार्यरत थे। आरोप है कि स्थानीय व्यापारियों के साथ कथित निकटता के कारण खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी।

अब MIDC क्षेत्र में कार्यरत रहते हुए सावला फूड्स पर कार्रवाई किए जाने के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि खाद्य पदार्थों के भंडारण और संभावित अनियमितताओं की जानकारी पहले से थी, तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं की गई?

हालांकि, अधिकारी की भूमिका पर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना भी बाकी है।

तुकाराम मुंढे से विस्तृत जांच की मांग

सावला फूड्स मामले में जब्त खाद्य पदार्थों की मात्रा, अनुमानित कीमत, एक्सपायरी अवधि और आगे की कानूनी कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। ऐसे में FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे से मामले की विस्तृत जांच कराने और अन्य कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण करने की मांग उठ रही है।

नागरिकों का कहना है कि यदि किसी व्यापारी या अधिकारी की लापरवाही से एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए और लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई हो।

सावला फूड्स पर FDA की कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। अब जरूरत है कि FDA केवल कार्रवाई की जानकारी देने तक सीमित न रहे, बल्कि जब्त माल की मात्रा, कीमत, प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक करे।

दिवाली की मिठास में मिलावट या एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का जहर घुलने से पहले प्रशासन की सख्ती जरूरी है। आखिर सवाल करोड़ों के कारोबार का नहीं, बल्कि लाखों नागरिकों की सेहत और सुरक्षा का है।

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