FDA Action Before Diwali:दिवाली से पहले FDA का बड़ा प्रहार! ₹19.70 करोड़ के मसाले जब्त; तुर्भे-महापे के गोदामों व कोल्ड स्टोरेज तक पहुंची कार्रवाई
FDA Action Before Diwali नवी मुंबई | दिवाली के त्योहार पर घर-घर पहुंचने वाले मसाले और खाद्य पदार्थ कितने सुरक्षित हैं? क्या बाजार में एक्सपायरी और असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री हो रही थी? त्योहार से ठीक पहले महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की बड़ी कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
FDA ने राज्यभर में मिलावट, अस्वच्छ भंडारण और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान चलाते हुए करीब ₹19.70 करोड़ मूल्य का मसालों का स्टॉक जब्त किया है। इस कार्रवाई में 84 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 9,610 क्विंटल मसालों को जब्त किया गया है।
इस कार्रवाई का असर नवी मुंबई के तुर्भे और महापे MIDC तक पहुंचा है। यहां मसाला उत्पादकों के साथ-साथ कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस पर भी FDA ने कार्रवाई की है। खास बात यह है कि मुंबई APMC के पांचों बाजारों के अनेक व्यापारी अपना मसाला, ड्रायफ्रूट्स और अन्य खाद्य पदार्थ निजी कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं। ऐसे में इस कार्रवाई से APMC के व्यापारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
तुर्भे-महापे के 4 प्रतिष्ठान FDA के रडार पर!
FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे ने पत्रकार परिषद में इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई, नवी मुंबई, कल्याण सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में मसाला उत्पादकों और खाद्य पदार्थों के भंडारण केंद्रों की जांच की गई।
नवी मुंबई MIDC क्षेत्र में जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उनमें शामिल हैं:
* ग्लोबल फूड्स इंडस्ट्रीज
* रसोई फेमस मसाला मिल एंड वेयरहाउस
* सावला फूड्स एंड कोल्ड स्टोरेज
* नोड एग्रो
FDA की जांच में अस्वच्छ परिस्थितियों और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
सावला कोल्ड स्टोरेज की कार्रवाई से APMC में हड़कंप!
नवी मुंबई के तुर्भे और महापे MIDC में करीब 40 से 50 कोल्ड स्टोरेज संचालित होने की जानकारी है। मुंबई APMC के पांचों बाजारों के अनेक व्यापारी अपने मसाले, ड्रायफ्रूट्स और अन्य खाद्य पदार्थ इन्हीं निजी कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखते हैं।ऐसे में सावला फूड्स एंड कोल्ड स्टोरेज सह बाक़ी पर FDA की कार्रवाई ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है।
APMC के व्यापारियों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन कोल्ड स्टोरेज में करोड़ों रुपये का खाद्य माल रखा जाता है, वहां साफ-सफाई, तापमान नियंत्रण, एक्सपायरी डेट और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नियमित रूप से होता है या नहीं?
यदि भंडारण केंद्रों में ही खाद्य सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो बाजार में पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जिम्मेदारी कौन लेगा?
सिर्फ 7 दिनों में ₹13.60 करोड़ का माल जब्त!
FDA ने 23 से 29 अक्टूबर के बीच राज्यभर में विशेष अभियान चलाया।
इस अभियान के दौरान:
* 472 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
* 783 खाद्य नमूने लिए गए।
* 9,610 क्विंटल मसालों का स्टॉक जब्त किया गया।
* जब्त माल की कीमत करीब ₹13.60 करोड़ बताई गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अप्रैल से अक्टूबर तक हुई कुल जब्ती का लगभग 69 प्रतिशत माल अकेले सात दिनों के अभियान में जब्त किया गया।
जांच में असुरक्षित और घटिया मसाले भी मिले!
FDA की जांच में अब तक सामने आए नतीजे भी चिंता बढ़ाने वाले हैं।
* 337 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए।
* 9 नमूने घटिया गुणवत्ता के मिले।
* 6 नमूने असुरक्षित पाए गए।
* 18 नमूनों में गलत लेबलिंग मिली।
* 1,053 नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है।
इससे स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
APMC के 70% व्यापारियों का माल निजी कोल्ड स्टोरेज में?
मुंबई APMC के मसाला और ड्रायफ्रूट्स बाजार के कारोबारियों का बड़ा हिस्सा अपने माल के भंडारण के लिए निजी कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस पर निर्भर है। बाजार से जुड़े लोगों के अनुसार, करीब 70 प्रतिशत व्यापारियों का माल निजी कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है।
ऐसे में तुर्भे के सावला कोल्ड स्टोरेज सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर हुई FDA की कार्रवाई ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।
अब सवाल यह भी है कि क्या FDA केवल मसाला उत्पादकों और कुछ चुनिंदा कोल्ड स्टोरेज तक ही अपनी कार्रवाई सीमित रखेगा, या नवी मुंबई के सभी निजी कोल्ड स्टोरेज में रखे खाद्य पदार्थों की व्यापक जांच की जाएगी?
बड़ा सवाल: त्योहारों में ग्राहकों की थाली तक क्या पहुंच रहा है?
दिवाली के दौरान मसालों, ड्रायफ्रूट्स और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
FDA की इस कार्रवाई ने खाद्य कारोबारियों के साथ-साथ प्रशासन की निगरानी व्यवस्था को भी सवालों के घेरे में ला दिया है।
अब देखना होगा कि नवी मुंबई के अन्य कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस की भी जांच होती है या नहीं और वहां रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए FDA क्या कदम उठाता है।
क्योंकि सवाल सिर्फ करोड़ों रुपये के मसालों की जब्ती का नहीं, बल्कि दिवाली पर आम आदमी की रसोई तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा का है।