Ajit Pawar Death - प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, AAIB-DGCA जांच शुरू
मुंबई : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजीत पवार (66) का विमान आज सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें वे सहित विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब पवार मुंबई से बारामती चुनावी रैलियों को संबोधित करने जा रहे थे।  
घड़ी और कपड़ों से हुई अजित पवार की पहचान
बारामती प्लेन क्रैश में मारे गए 5 लोगों की शव की पहचान हो गई है। डिप्टी सीएम अजित पवार की पहचान भी उनकी घड़ी और कपड़ों से हुई। प्रशासन और डीजीसीए ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। बारामती के हॉस्पिटल में अजित पवार के समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा है।
राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों ने तुरंत AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) और DGCA (Directorate General of Civil Aviation) को जांच के लिए घटनास्थल रवाना कर दिया है। जांच में विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) को निकाला जाएगा ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि क्या तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति, रनवे की स्थिति, पायलट की बातचीत या अन्य कोई कारण इस भयावह हादसे के पीछे है।  
मौसम विशेषज्ञों, रनवे की सतह, इंजन के प्रदर्शन और विमान के पूर्व मेंटेनेंस रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जाएगी। अधिकारी यह भी पता लगाएंगे कि लैंडिंग से पहले विमान ने क्या संकेत दिए थे और क्या नियंत्रण में कोई समस्या आई थी।  
बताया जा रहा है कि लाइट बिजनेस जेट बोंबार्डियर Learjet 45 (पंजीकरण VT-SSK), जो दिल्ली स्थित VSR Aviation द्वारा संचालित था, सुबह लगभग 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग का प्रयास कर रहा था। तकनीकी जानकारी के अनुसार विमान बारामती रनवे के करीब गिर गया और शक्तिशाली आग व विस्फोट के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया।  
विमान में उपमुख्यमंत्री के अलावा उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एक सहायक, तथा दो क्रू मेंबर्स (पायलट-इन-कमांड और प्रथम अधिकारी) सवार थे — सभी की मौके पर ही मौत हो गई।  
दुर्घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों और बचाव दलों ने बताया कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले आग लगते और 4-5 विस्फोट सुनाई दिए। स्थानीय लोग भी अधिक करीब जाकर मदद नहीं कर पाए क्योंकि विमान मलबे और ज्वालाओं में तब्दील हो चुका था।  
अजीत पवार के आकस्मिक निधन ने राज्य भर में शोक की लहर दौड़ा दी है। बारामती और आसपास के क्षेत्रों में भारी सुन्नता व्याप्त है, और उनके राजनीतिक सहयोगियों, समर्थकों तथा जनता के बीच गहरा आक्रोश और दुःख देखा जा रहा है।